Tuesday, 20 November 2018

Galaxy A9 (2018) कीमत, स्पेसिफिकेशन्स एवं फुल रिव्यू । Review With FUN


आखिरकार लम्बे इंतजार के बाद दुनिया का पहला क्वाड कैमरा स्मार्टफोन Galaxy A9 (2018) भारत में लॉन्च हो ही गया। तो आइए, इसका पंचनामा करते हैं...

सबसे पहले मैं डिजायन की बात करूँगा, तो भैया डिजायन एकदम मस्त है। एक तो इसके कलर्स इतने कमाल के हैं कि बस पहली नजर में ही भा जाते हैं। और इसका लुक काफी प्रीमियम है। अब जिन लोगों को 'नॉच' का कीड़ा है, उनकी बात अलग है, वरना मेरे हिसाब से तो इसका इनफिनिटी डिस्प्ले शानदार, जानदार और जबरदस्त है। खैर, डिस्प्ले के बारे में हम आगे चलकर बात करेंगे। लेकिन कुछ भी कहो! फोन का लुक जबरदस्त है।

अब बात करते हैं डिस्प्ले की तो दोस्तों Galaxy A9 (2018) में  6.3 इंच का फुल एचडी प्लस सुपर अमोलेड इनफिनिटी डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रिजोल्यूशन है 1080x2220 पिक्सल; ऑस्पेक्ट रेश्यो है 18.5:9 और डेन्सिटी है 339 पिक्सल प्रति इंच। इसका डिस्प्ले जो है, कमाल का है यार! और वैसे भी अमोलेड डिस्प्ले बनाने में सैमसंग का दूर-दूर तक कोई सानी नहीं है। यहाँ तक कि एप्पल भी अपने आईफोन्स के डिस्प्ले के लिए सैमसंग पर ही निर्भर है। तो कुछ भी कह लीजिए, मगर सैमसंग के डिस्प्ले में कभी कोई नुस्ख़ हो ही नहीं सकता।

अगर सॉफ्टवेयर की बात करें तो Galaxy A9 (2018)  Android 8.0 ओरियो पर चलता है और इसमें आपको 'सैमसंग एक्सपीरियंस' यूआई मिलता है।

चलो जी, अब सीपीयू की बात कर लें?
चलिए कर लेते हैं। तो भैया Galaxy A9 (2018) में दिया गया  है क्वॉलकॉम का स्नैपड्रैगन 660 चिपसेट! ऑक्टाकोर है और अधिकतम 2.2 गिगाहर्ट्ज की क्लॉक स्पीड पर काम करता है। लेकिन मुझे लगता है आपको मजा नहीं आया। है ना?
मैं भी यही सोच रहा हूँ....मतलब 2 साल पहले इसी कीमत में Galaxy C9 Pro आया था, जिसमें स्नैपड्रैगन 653 था। और देखा जाए तो 653 और 660 में कोई बहुत ज्यादा फर्क नहीं है लेकिन क्या करें जनाब? जो है सो है! अब वनप्लस की तरह 845 तो दे नहीं सकते, क्योंकि वो तो इन्होंने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स में दे रखा है तो ऐसे में इससे ज्यादा उम्मीद ही क्या कर सकते हैंं?

खैर,आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं मैमोरी की, तो दोस्तों Galaxy A9 (2018) को दो वेरिएंट में लॉन्च किया गया है। पहले वेरिएंट में आपको 6 GB रैम और 128 GB इंटरनल स्टोरेज, जबकि दूसरे वेरिएंट में 8 GB रैम और 128 GB इंटरनल स्टोरेज मिलेगा। अगर इतना स्टोरेज भी कम पड़ रहा है तो चिन्ता की कोई बात नहीं। आप इसमें 512 GB तक का माइक्रोएसडी कार्ड भी लगा सकते हैं  और इस लिहाज से यह फोन परफेक्ट है।

खैर, अब कैमरा की बात कर लें?
वैसे कैमरा के बारे में तो आप लोग पहले से ही जानते होंगे क्योंकि सैमसंग ने इसके क्वाड कैमरा को लेकर मार्केट में इतना हौव्वा फैला रखा है कि सवाल ही नहीं उठता कि आपने इसके बारे में न सुना हो। खुद मैंने भी इसके कैमरा को लेकर एक पोस्ट लिखी थी.. याद है ना?    नहीं?
कोई बात नहीं। अब रिव्यू कर ही रहे हैं तो कैमरा के बारे में भी बात तो करनी ही पड़ेगी? तो भैया, Galaxy A9 (2018) में 24 मेगापिक्सल, 10 मेगापिक्सल, 8 मेगापिक्सल और 5 मेगापिक्सल के चार सेंसर लगे हैं जिनका पूरा ब्यौरा आप पुरानी पोस्ट में पढ़ सकते हैं। साथ ही इसमें 24 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसके कैमरा को लेकर सिर्फ एक ही बात कहना चाहूँगा.. वाह! मजा आ गया!
इसके कैमरा से आपको कोई शिकायत नहीं होगी... कसम से।

और बैटरी?
बैटरी जबरदस्त है भाई! Galaxy A9 (2018) में 3800 mAh की नॉन रिमूवेबल बैटरी दी है और साथ ही इसमें फास्ट चार्जिंग का फीचर भी मौजूद है। तो इसलिए टेंशन की कोई बात ही नहीं है।

अरे! सेंसर्स के बारे में हमने बात नहीं की? सैमसंग इस मामले में कितनी कंजूस है, पता है ना?
तो चलिए, पहले हम सेंसर्स के बारे में जान लेते हैं। तो दोस्तों Galaxy A9 (2018) में आपको एंबियंट लाईट सेंसर, एक्सीलेरोमीटर, प्रोक्सीमिटी, कंपास/मैग्नेटोमीटर और जायरोस्कोप सेंसर्स मिलते हैं। और अपना चिर-परिचित फिंगरप्रिंट सेंसर तो है ही है। तो टेंशन नहीं लेने का, सभी जरूरी सेंसर्स हैं इसमें।

अगर कनेक्टिविटी की बात करें तो Galaxy A9 (2018) में 4G VoLTE, Wi-Fi, हॉटस्पॉट, ब्लूटूथ v5.0, GPS, A-GPS, NFC, USB Type-C और 3.5mm ऑडियो जैक जैसे कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं।
मुझे डर था कहीं दूसरों की देखा-देखी सैमसंग भी 3.5mm ऑडियो जैक को गायब न कर दे, लेकिन भला हो सैमसंग का, जो ऐसा बेहूदा काम करने की सोची तक नहीं और यूजर्स की खुशी के लिए इस फोन में भी 3.5mm ऑडियो जैक दिया.. लव यू सैमसंग! म्म्मुआआआआहहहहह!!!

खैर चलिए, अब बात कर लेते हैं कुछ बचे-खुचे, मगर खास-खास फीचर्स के बारे में...
तो Galaxy A9 (2018) एक ड्युअल सिम स्मार्टफोन है और इसमें आप दो नैनो सिम लगा सकते हैं।
साथ ही माइक्रोएसडी कार्ड के लिए इसमें डैडिकेटेड स्लॉट दिया गया है यानि कि आप इसमें 2 सिम कार्ड और 1 मैमोरी कार्ड लगा सकते हैं।
सिक्योरिटी के लिए इसमें फिंगरप्रिंट स्कैनर के साथ-साथ 'थोबड़ा अनलॉक' मेरा मतलब 'फेस अनलॉक' का फीचर भी दिया गया है।

तो सौ बातों की एक बात, भैया फोन कमाल का है... मतलब जबरदस्त है बे! पर ई ससुरा प्रोसेसरवा थोड़ा और अच्छा होता था ना... कसम से मजा आ गया होता। पर फिर भी 'सैमसंग' - ब्रांड ही काफी है बॉस'। तो लेने वाले तो लेकर ही रहेंगे भैया!

खैर, अब जाते-जाते कीमत की भी बात कर ही लेते हैं... तो भैया दोनों वेरिएंट की कीमत भारत में कुछ इस प्रकार है....

1). 6 GB + 128 GB = 36,990/- रूपये
2). 8 GB + 128 GB = 39,990/- रूपये

तो देखा आपने? 6 GB + 128 GB वेरिएंट की कीमत दो साल पहले लॉन्च हुए Galaxy C9 Pro के बराबर ही है, लेकिन फर्क जमीन-आसमान का है, तो भैया अंत में मैं बस यही कहूँगा कि अगर आप सैमसंग के फैन हैं और दुनिया का पहला क्वॉड कैमरा स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं तो बेझिझक खरीदिए, कोई दिक्कत नहीं है।
लेकिन अगर आपको 'नॉच' चाहिए, तो यार जाके कोई सस्ता सा ओप्पो-वीवो का फोन खरीद लीजिए, आपके पैसे बचेंगे।

सारांश :- अगर आपको स्नैपड्रैगन 660 चिपसेट से कोई दिक्कत नहीं है और आपके लिए नॉच कोई मायने नहीं रखता तो आप झट से इस फोन को खरीद लीजिए। जबरदस्त फोन है यह आपके लिए!

तो दोस्तों, कैसा लगा आपको मेरा यह रिव्यू? अगर अच्छा लगा तो इस पोस्ट को लाइक और शेयर अवश्य कीजिएगा।

Friday, 16 November 2018

नॉच क्या है? किसी फोन मेंं नॉच क्यों दिया जाता है? क्या नॉच जरूरी है? Everything About Notch


Notch (नॉच) क्या है? फोन में नॉच क्यों होना चाहिए? क्या नॉच जरूरी है? क्या नॉच वाला फोन अच्छा होता है? - आइए, जानते हैं....

सबसे पहले तो नॉच के बेसिक कॉन्सेप्ट को समझना जरूरी है, बाकी बातें आपको खुद-ब-खुद समझ में आ जाऐंगी।
तो इस साल ऐप्पल ने अपना नया स्मार्टफोन 'iPhone X' लॉन्च किया था, जिसमें पहली बार नॉच देखने को मिला।। उसके बाद बिना सोचे-समझे मोबाइल कंपनियाँ एप्पल को कॉपी करने में लग गई और देखते ही देखते मार्केट में नॉच डिस्प्ले युक्त स्मार्टफोन्स की बाढ़ आ गई। किसी भी कंपनी ने ये सोचने की जहमत तक नहीं उठाई कि आखिर आइफोन में नॉच क्यों दिया गया है और इसका मकसद क्या है? बस, सबको एप्पल बनना था, सो दनादन नॉच वाले फोन बनाते गए और देखते ही देखते यह एक ट्रेंड बन गया, जिसे आज सारी मोबाइल कंपनियाँ फॉलो कर रही है, सिवाय Samsung के।

लेकिन इस देखादेखी और नकल के चक्कर में मोबाइल कंपनियाँ एप्पल तो नहीं बन सकी, लेकिन मजाक का पात्र जरूर बन गई। ओप्पो और वीवो के शुरुआती नॉच डिस्प्ले वाले फोन्स में टाईम/डेट जैसी चीजें स्क्रीन पर फिट नहीं थी, बल्कि कटी हुई थी। क्योंकि इन्होंने अपने सॉफ्टवेयर और यूजर इंटरफेस को नॉच के हिसाब से डिजायन ही नहीं किया बल्कि वही पुराना सॉफ्टवेयर चिपका दिया, जिससे बहुत सी चीजें स्क्रीन से बाहर चली गई यानि कट गई।

अब इन सारी कंपनियों ने यह समझने की कोशिश ही नहीं की कि एप्पल ने iPhone X में नॉच क्यों दिया? आखिर इसकी जरुरत क्या थी? और एप्पल ने इसके लिए क्या-क्या किया? यह समझने की बजाय इन कंपनियों ने नॉच को एक नया फैशन समझ लिया और आनन-फानन में iPhone X की सस्ती कॉपियाँ बना डाली और पूरा बाजार भर दिया। अब इसके लिए न तो इन कंपनियों ने कोई तैयारी की और न ही नॉच के हिसाब से अपने सॉफ्टवेयर और यूआई को ऑप्टिमाइज किया। नतीजा, एप्पल बनने की जगह मजाक का पात्र बन गई। यानि कि 'बनने चले थे चौबजी-छबेजी, पर दुबेजी बनकर रह गए।'

जबकि ऐप्पल को स्क्रीन साईज बढाने के लिए मजबूरी में 'नॉच' का सहारा लेना पड़ा था। क्योंकि कैमरा और स्पीकर स्क्रीन पर नहीं दिए जा सकते थे, इसलिए इन मॉड्यूल्स को फिट करने के लिए फोन की बॉडी का एक छोटा-सा हिस्सा यूज करना पड़ा और इसके लिए कंपनी को स्क्रीन के उपरी हिस्से को काटना पड़ा। अब इस छोटी-सी जगह में कंपनी ने कैमरा और स्पीकर तो फिट किए ही, साथ में दुनिया भर के सेंसर्स भी दिए। इस तरह एप्पल से मजबूरी में ही सही, एक नया इन्वेन्शन (आविष्कार) हो गया, जिसे एप्पल ने नॉच का नाम दे दिया।

इस नॉच के पीछे कंपनी की कई महीनों की मेहनत लगी। 'iPhone X' का डिजायन फाईनल होने के बाद कंपनी को अपने सॉफ्टवेयर और यूजर इंटरफेस को नॉच के हिसाब से रि-डिजायन करना पड़ा, जिसमें कई महीनों की मेहनत लगी, तब जाकर iPhone X अस्तित्व में आया। एप्पल ने नॉच सिर्फ इसलिए दिया ताकि डिस्प्ले का आकार बढ़ाया जा सके और यूजर्स को सामने की तरफ सिर्फ स्क्रीन ही देखने को मिले। और इस मकसद में कंपनी सफल भी हुई, क्योंकि iPhone X में सामने की तरफ सिर्फ स्क्रीन ही थी, और बैजल्स ना के बराबर थे।

लेकिन दूसरी नकलची कंपनियों ने बिना सोचे-समझे दनादन 'iPhone X' के डिजायन को कॉपी करना शुरू कर दिया। और इस भेड़चाल में सबसे पहला नम्बर आता है ओप्पो-वीवो का। इन दोनों कंपनियों ने अपने फोन्स में नॉच डिस्प्ले तो दिया, मगर एप्पल की तरह बैजल्स नहीं हटा पाए। इनके फोन्स में नीचे की तरफ आधा इंच तक बैजल देखने को मिला, जो आज भी कुछ खास कम नहीं हुआ है। साथ ही नॉच में इन्होंने सिर्फ कैमरा और स्पीकर ही फिट किए, क्योंकि एप्पल जितने सेंसर्स लगाने की औकात तो इनकी थी नहीं।

खैर, इसके बाद लोगों ने "आईफोन तो नहीं ले सकते, पर आईफोन की तरह दिखने वाला फोन तो ले ही सकते हैं" की तर्ज पर इन फोन्स को खरीदना शुरू कर दिया और देखते ही देखते यह एक नया ट्रेंड बन गया। और इसलिए बाकी कंपनियों को भी इस ट्रेंड को फॉलो करना पड़ा। लेकिन धन्यवाद सैमसंग का, जो आज तक इस भेड़चाल का हिस्सा नहीं बनी और न ही कभी बनेगी।

किसी ने सच ही कहा है कि जो लोग भेड़चाल का हिस्सा बन जाते हैं वो जिंदगी में पीछे रह जाते हैं, लेकिन जो लोग भेड़चाल का हिस्सा नहीं बनते, वही कुछ नया करते हैं, जिसे दुनिया हमेशा याद रखती है। और सैमसंग ने भी बिल्कुल ऐसा ही किया। बाकी कंपनियाँ जिस वक्त iPhone X की कॉपियाँ बना रही थी, उस वक्त सैमसंग कंपनी नये डिजायन पर काम कर रही थी और आज सैमसंग ने एप्पल से भी एक कदम आगे बढ़कर बिना नॉच वाला फोन ईजाद कर लिया है, जिसमें न तो बैजल है और ना ही नॉच, यानि कि सामने की तरफ पूरी की पूरी (100%) स्क्रीन है। इस फोन का नाम है Galaxy A9s और यह बहुत जल्द लॉन्च होने वाला है।

खैर, अब तक आप यह तो समझ ही चुके होंगे कि सही मायने में नॉच क्या है? आजकल जो कंपनियाँ अपने मोटे-मोटे बैजल्स वाले फोन्स में धड़ल्ले से नॉच डिस्प्ले दे रही हैं, इसे नॉच नहीं कहते। असल में बेवकूफी कहते हैं। क्योंकि नॉच का मतलब यह है कि फोन में सामने की तरफ बिल्कुल भी जगह न बचे (इतनी भी नहीं कि 3 मिमी. का कैमरा लगाया जा सके) तब नॉच दिया जाता है। जबकि आजकल जो नॉच वाले फोन्स आ रहे हैं, उनमें उपर और खासकर नीचे 15-15 मिमी. का बैजल देखने को मिलता है। ऐसे में नॉच का कोई तुक नहीं बनता। ये कंपनियाँ सिर्फ और सिर्फ अपने फोन्स को मॉडर्न दिखाने के लिए जबरन इस ट्रेंड को फॉलो कर रही हैं।

खैर, अब तक आप अच्छी तरह समझ चुके होंगे कि सही मायने में नॉच क्या है और इसकी जरुरत क्यों पड़ी? अब सवाल यह है कि क्या नॉच वाला फोन अच्छा होता है? क्या नॉच वाला फोन खरीदना चाहिए?

तो इसका जवाब है - बिल्कुल भी नहीं। मेरी राय में नॉच वाला फोन वैसा ही है, जैसा बिना नॉच वाला, बल्कि बिना नॉच वाला फोन उल्टा ज्यादा अच्छा है, बजाय नॉच वाले फोन के। क्योंकि बिना नॉच वाले फोन में आपको स्क्रीन पर हर डिटेल पूरी दिखाई देगी, जबकि नॉच वाले फोन में कटी हुई दिखाई देंगी। अभी भी बहुत सी ऐसी ऐप्स हैं जो नॉच को सपोर्ट नहीं करती और इसका सबसे अच्छा उदाहरण है Subway Surfers (एक गेम) जिसे अगर आप नॉच वाले फोन में खेलोगे, तो उपर की पट्टी में जो भी लिखा होगा, आपको दिखाई नहीं देगा, क्योंकि नॉच की वजह से कट जाएगा। और यह तो सिर्फ एक उदाहरण है, ऐसी न जाने कितनी ऐप्स हैं, जिनमें आपको पूरी डिटेल दिखाई नहीं देती। कुछ रिचार्ज वाली ऐप्स में तो आप अपना बैलेंस तक नहीं सकते, क्योंकि वो नॉच की वजह से कट जाता है।

और यह सब मैं ऐसे ही नहीं कह रहा बल्कि मैंने हरेक चीज को पर्सनली एक्सपीरियंस किया है। मैं इस वक्त #VivoY83 फोन यूज कर रहा हूँ, जिसमें नॉच का बड़े ही अच्छे से कबाड़ा किया गया है। इस फोन ने मेरी नाक में दम कर दिया है। बहुत सारी ऐप्स ऐसी हैं, जिनको यह फोन ठीक से सपोर्ट ही नहीं करता। इसलिए इन ऐप्स में कभी भी पूरी डिटेल दिखाई नहीं देती, बल्कि कुछ-न-कुछ हिस्सा कट ही जाता है।

तो अंत में मैं बस यही कहूँगा कि अगर आपको नॉच वाले फोन से पागलपन की हद तक प्यार है तो आप iPhone X ले लीजिए। और अगर आपका इतना बजट नहीं है तो कुछ दिन रूक जाइए, सैमसंग का Galaxy A9s लॉन्च होने ही वाला है, जिसकी कीमत तकरीबन आईफोन 10 से 50-60% कम होगी। अगर इतना भी बजट नहीं है तो कोई भी 18:9 एस्पेक्ट रेश्यो डिस्प्ले युक्त बिना नॉच वाला फोन ले लीजिए, आप फायदे में रहेंगे।

Friday, 15 June 2018

Youtube के लिए Top 5 वीडियो एडिटिंग ऐप्स, अब अपने फ़ोन से कीजिए वीडियो एडिटिंग


दोस्तों, यह आर्टिकल उन लोगों के लिए है, जो अपना Youtube चैनल शुरू करना चाहते हैं मगर DSLR कैमरा, कंप्यूटर या लैपटॉप नहीं होने की वजह से शुरू नहीं कर रहे। अगर आप भी यही सोचते हैं कि बिना DSLR और लैपटॉप के यूट्यूब चैनल शुरू नहीं हो सकता, तो आप गलत हैं। क्योंकि Youtube चैनल शुरू करने के लिए महँगे DSLR और लैपटॉप की नहीं, बल्कि

Thursday, 14 June 2018

Youtube चैनल को Search Results में कैसे दिखाएं? Youtube चैनल के लिए कुछ जरूरी Settings - हिन्दी ट्यूटोरियल


भारत में रिलायंस जियो के आने के बाद इंटरनेट यूजर्स की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। तेज इंटरनेट स्पीड और भरपूर 4G डाटा मिलने के कारण ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स का उपयोग काफी बढ़ गया है। आजकल लोग हॉटस्टार, जियो सिनेमा, लाईव क्रिकेट और लाईव टीवी जैसी सर्विसेज का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं। और इसका सबसे ज्यादा असर

Wednesday, 13 June 2018

फोन से Youtube चैनल कैसे बनाएं? Youtube से ऑनलाइन कमाई कैसे करें? - हिन्दी ट्यूटोरियल


दोस्तों, आजकल वह जमाना नहीं रहा है, जब इंसान को पैसे कमाने के लिए बाहर काम पर जाना पड़ता था और वहाँ 8 से 10 घंटे तक काम करना पड़ता था। आजकल इंटरनेट का जमाना है और इंटरनेट ने घर बैठे ऑनलाइन कमाई करने के कई रास्ते खोल दिए हैं। आजकल बड़ी-बड़ी कंपनियाँ ऑनलाइन Job ऑफर कर रही हैं, जिससे व्यक्ति घर बैठे अपनी सुविधानुसार

Tuesday, 12 June 2018

Domain कैसे Register करें? डोमेन खरीदते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें - हिन्दी ट्यूटोरियल


दोस्तों, आप यह तो जान चुके हैं कि Domain क्या है और एक Blog या Website के लिए इसका क्या महत्व है। साथ ही पिछले आर्टिकल में मैंने आपको भारत के टॉप-5 डोमेन रजिस्ट्रार वेबसाइट्स के बारे में भी बताया था, जहाँ से आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट के लिए डोमेन खरीद सकते हैं। आइए, अब जानते हैं कि डोमेन कैसे रजिस्टर करते हैं और डोमेन खरीदते

डोमेन क्या है? What is Domain? एक ब्लॉग या वेबसाइट के लिए डोमेन का महत्त्व है? हिन्दी ट्यूटोरियल



दोस्तों, आपने कभी न कभी Domain का नाम जरूर सुना होगा। अगर आप ब्लॉगिंग या वेब डेवलपमेंट से जुड़े हैं तो आपको पता होना चाहिए कि डोमेन क्या है और एक ब्लॉग या वेबसाइट के लिए इसका क्या महत्व है। अगर आप एक Blogger  है और अभी तक डोमेन के बारे में नहीं जानते तो कोई बात नहीं। आज इस आर्टिकल के जरिए मैं आपको डोमेन के बारे में

Monday, 11 June 2018

BigRock पर रजिस्टर्ड Domain को Blogger से कैसे Connect करें? हिन्दी ट्यूटोरियल


दोस्तों, क्या Blogger.com पर आपका ब्लॉग हैं? क्या आपने अपने ब्लॉग के लिए BigRock.in से डोमेन खरीदा है? क्या आप अपने ब्लॉग को डॉमेन से कनेक्ट करना चाहते हैंं? अगर हाँ, तो आप बिल्कुल सही जगह हैं। आज मैं आपको बताउँगा कि BigRock से गए खरीदे गए डोमेन को अपने ब्लॉग से कैसे कनेक्ट करें और DNS सेटिंग्स कैसे करें?

Sunday, 10 June 2018

अपना खोया हुआ फोन ढूँढ़ें मात्र एक क्लिक में, कैसे? जानिए हिन्दी में


दोस्तों, अगर आपका फोन कभी खो जाए या चोरी हो जाए तो आप क्या करेंगे? अब आप कहेंगे कि करना क्या है? अगर फोन महंगा हुआ तो पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाएंगे और अगर फोन सस्ता हुआ तो 2-4 दिन फोन के खोने का मातम मनाएंगे और फिर सब कुछ भूलाकर नया फोन खरीद लेंगे और क्या? लेकिन दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि आपका खोया हुआ फोन

Friday, 8 June 2018

सैमसंग Galaxy S7 और Galaxy S7 Edge के लिए एंड्रॉयड ओरियो अपडेट जारी, जानिए नया क्या मिला


दोस्तों, अगर आप सैमसंग Galaxy S7 और Galaxy S7 Edge यूजर्स हैंं और लम्बे समय से एंड्रॉयड ओरियो अपडेट मिलने का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। क्योंकि अब सैमसंग ने Galaxy S7 और Galaxy S7 Edge के भारतीय संस्करण के लिए Oreo अपडेट जारी कर दिया है। आपको बता दें कि सैमसंग ने यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण कोरिया और

अभी अभी...

Galaxy A9 (2018) कीमत, स्पेसिफिकेशन्स एवं फुल रिव्यू । Review With FUN

आखिरकार लम्बे इंतजार के बाद दुनिया का पहला क्वाड कैमरा स्मार्टफोन Galaxy A9 (2018) भारत में लॉन्च हो ही गया। तो आइए, इसका पंचनामा करते ह...